कितनी भी पुराना एक्जीमा हो जड़ से ख़त्म करेगा यह तेल,जानें बनाने की विधि

एक्जिमा एक ऐसा रोग है जिसमें शरीर की त्वचा में कहीं पर भी लाल हो जाती है और खुजलाने लगती है. खुजलाते- खुजलाते खून तक निकल आता है और जब यह एक्जीमा पुराना हो जाता है तो त्वचा का रंग काला होने लगता है. इन दाग और धब्बे में काफी खुजली होती है. कभी-कभी त्वचा पर फफोले भी हो सकते हैं. एक्जिमा शब्द का प्रयोग विशेष रूप से एटोपिक डर्मेटाइटिस की स्थिति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है.

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एटॉपिक एलर्जी से संबंधित चर्म रोग होता है. अतः एक्जिमा वाले लोगों में अक्सर खुजली, लाल त्वचा और चकते उत्पन्न होते हैं. साथ ही साथ एलर्जी अस्थमा रोग का भी कारण बनता है. एक्जिमा आसानी से एवं जल्दी ठीक नहीं होता है. अगर इसका उपचार सही ढंग से नहीं किया गया तो यह शरीर में काफी तेजी से फैलता है और धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों पर हो जाता है जो खुजली करने के साथ- साथ देखने में भी खराब लगता है. आज हम इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसे तेल बनाने की विधि बताने जा रहे हैं. जिसका इस्तेमाल करने से पुराने से पुराना एक्जिमा जड़ से खत्म हो जाता है.

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तो चलिए जानते हैं तेल बनाने की विधि-
इस तेल को बनाने के लिए 20 ग्राम नीम की छाल, 20 ग्राम पीपल की छाल, 10 ग्राम नौसादर, 2 मदार के पत्ते और 10 ग्राम बबूल की छाल लेना है. अब इन सभी चीजों को धूप में सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. अब इस पाउडर को लगभग 100 ग्राम अरंडी के तेल में मिलाकर इसे 10 दिनों के लिए धूप में रख दें. ध्यान रहे धूप में रखते समय बोतल का मुंह खुला होना चाहिए.

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यह तेल पेस्ट की तरह तैयार हो जाएगा. अब इस तेल को एक्जिमा पर प्रतिदिन सुबह-शाम लगाएं. ऐसा नियमित 1 माह तक करने से पुराना से पुराना एक्जिमा जड़ से खत्म हो जाता है. हां ध्यान रहे एक्जिमा पर साबुन न लगाएं, बैगन, अंडा, खट्टी एवं मीठी चीजों का सेवन करना बंद कर दें.

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