सायटिका और गठिया का शर्तिया इलाज है हरसिंगार, ऐसे करें सेवन
हरसिंगार का पेड़ लोग घरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए घरों के आसपास लगाते हैं. क्योंकि हरसिंगार का फूल अत्यंत सुकुमार और बड़े ही सुगंधित होते हैं. वायु के साथ जब दूर से इन फूलों की सुगंध आती है तब मन बहुत ही प्रसन्न और आनंदित होता है. हरसिंगार पर छोटे-छोटे सफेद रंग के फूल आते हैं और फूल की डंडी नारंगी रंग की होती है. उसमें बहुत खुशबू आती है. हरसिंगार का फूल रात में खिलते हैं और सुबह जमीन पर खुद ही गिरने लगते हैं. आयुर्वेद के अनुसार हरसिंगार गठिया और साइटिका को दूर करने के लिए रामबाण इलाज है. इसका नियमित इस्तेमाल करने से गठिया और साइटिका के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है.
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चलिए जानते हैं-
गठिया के लिए-
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हरसिंगार के पत्ते गठिया के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. इसके लिए नियमित इस्तेमाल करने से पुराने से पुराने गठिया को ठीक करने में मदद मिलती है. गठिया को ठीक करने के लिए हरसिंगार के 5 पत्तों को तोड़कर पत्थर पर पीस कर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को एक गिलास पानी में अच्छी तरह मिलाकर इसे गर्म करें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके पी लें. इस पानी को सुबह खाली पेट प्रतिदिन कुछ दिनों तक पीने से गठिया से छुटकारा मिलती है.
साइटिका के लिए-
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साइटिका दर्द से छुटकारा पाने के लिए हरसिंगार बहुत ही अच्छी दवा है. हरसिंगार के पत्तों को धीमी आंच पर उबालकर इसे काढ़ा बना लें. काढ़ा बनाने के लिए 100 ग्राम पत्ते में 500 ग्राम पानी मिलाएं और इसे उबालें. जब उबलते- उबलते पानी 100 ग्राम रह जाए तो इसे आंच से उतार कर ठंडा कर लें और पत्ते को अच्छी तरह से मसल कर पानी को छान लें. इसके बाद इस पानी को तीन भागों में बांट दें अब एक भाग प्रतिदिन सुबह खाली पेट में इसके नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से साइटिका रोग से छुटकारा मिलती है. क्योंकि इसे पीने से बंद रख नाड़ियों को खोल देता है यही कारण है कि साइटिका को दूर करने में मददगार होता है.
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