महिला को गर्भवस्था में उल्टी और मतली होना क्यों होता है,अच्छा संकेत जाने विस्तार से
नमस्कार इस चैनल में आपका स्वागत है.आज हम जिस विषय पर बात करने जा रहे है.हर महिला के जीवन का सबसे ख़ुशी का पल होता है.महिलाओं का माँ बनाना.इस समय माँ बनाने वाली महिला ही नही बल्कि उनके सभी परिवार ख़ुशी से झूम उठते हैं.जब एक महिला प्रेग्नेंट होती है.लेकिन आप जानते होंगे कि को माँ बनाने के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.जैसे खून की कमी होना,कमजोरी होना और मितली आदि.
तो आज हम जानेंगे प्रेग्नेंट महिला के लिए उल्टी और मतली क्यों अच्छा संकेत होता है?
प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी और मतली होना अच्छा संकेत माना जाता है.और बहुत जरुरी भी है.प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में उल्टी और मतली होना समय से पूर्ब प्रसव के खतरा को कम करता है.
जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी और मतली की समस्या होती है.उन्हें गर्भपात होने का खतरा 50 से 75% तक कम हो जाता है.
कब तक रहती है ये उल्टी और मतली की समस्या-
अधिकांश महिलाओं में देखा जाता है कि सुरुआती से 3 महीनों तक उल्टी और मतली की समस्या रह सकती है.कुछ महिलाओं को इस समस्या से 3 महीने से ज्यादा दिनों तक गुजरना पड़ सकता है.कुछ महिलाओं को ज्यादा तकलीफ सहना पड़ता है.लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी और मतली होना स्वस्थ प्रेगनेंसी का संकेत होता है.अगर किसी महिला को प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी और मतली नही हो रही है तो इस बात का संकेत है कि कोई न कोई समस्या की आशंका होती है.
यह भी जाने-क्यों होता है उल्टी और मतली-
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं.ये बदलाव शरीर में होनेवाले बच्चे के स्वास्थ विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार करते हैं.जो महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी से लेकर प्रसव के बाद तक रहते हैं.इन सभी बदलाओं में होता है.सबसे प्रमुख बदलाव महिला के शरीर में हार्मोन का बनना.जो शिशु के विकास के लिए बहुत जरुरी होते हैं.
ये हार्मोन महिला के शरीर के हड्डियों और मांसपेशियों को लचीला बनाता है.ताकि जैसे-जैसे बच्चे का शरीर बढ़े वैसे-वैसे महिला की शरीर रबर की तरह बढ़े.
महिला को प्रेग्नेंट होते ही महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन बनना शुरू हो जाता है.जी महिला के शरीर में जितना अधिक हार्मोन बनता है.उतना ही ज्यादा उल्टी और मतली का सामना करना पड़ता है.
प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण esophagus में स्थित मांसपेशी ढीली पड़ने लगती है.और पेट में मौजूद आहार को प्रभावी तरीके से बाहर आने से नही रोक पाती है.इसी वजह से उल्टी और मतली के लक्षण होते हैं.
यह भी जाने-
अक्सर देखा गया है कि जिन महिलाओं के पेट में जुड़वाँ बच्चे होते हैं.उन्हें इस उल्टी और मतली की समस्या से ज्यादा गुजरना पड़ता है.
इसे भी जाने-कहाँ बनता है प्रेगनेंसी हार्मोन-
महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन का निर्माण प्लेसेंटा के कोशिकाओं के द्वारा होता है.महिला के अंडाणु और गर्भावस्था जितनी स्वस्थ होती है.उनके शरीर में प्लेसेंटा की कोशिकाएं उतनी तेजी से पेग्नेंसी हार्मोन का निर्माण करती है.लेकिन अगर निषेचित अंडाणु और गर्भावस्था में कोई समस्या है तो प्लेसेंटा की कोशिकाएं तेजी से प्रेगनेंसी हार्मोन का निर्माण नही करेगी.और आगे चलकर इसकी वजह से प्रेगनेंसी में परेशानी हो सकती है.
नोट-गर्भावस्था में किसी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना चाहिए.यह आपके और आपके बच्चे के लिए हितकारी होगा.
यह जानकारी कैसी लगी.कमेन्ट में हमें जरुर बताएं.और अच्छी लगी हो तो लाइक,शेयर जरुर करें.इससे किसी की परेशानी हल हो सकती है.
आयुर्वेद चिकित्सक-डॉ.पी.के.शर्मा.
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