पेशाब रोकने में होती है परेशानी तो जानें क्या है कारण
आजकल महिला या पुरुषों में पेशाब संबंधी समस्या का शिकार ज्यादा हो रहे हैं. जिसमें से पेशाब नियंत्रित नहीं कर पाना और ना चाहते हुए भी थोड़ा सा पेशाब निकल जाना एक आम समस्या है. इसमें पेशाब की थैली पर नियंत्रण कम हो जाता है और अक्सर कपड़ों में ही पेशाब की कुछ मात्रा आ जाती है.
Third party image reference
पेशाब की मात्रा अलग- अलग हो सकती है. यह एक काफी आम समस्या है इसके लिए जिस चिकित्सा शब्द का इस्तेमाल किया जाता है वह शब्द है इनकांटीनेंस. इसका मतलब है मूत्र मार्ग से आपकी मर्जी के बिना पेशाब निकलना और आपका उसे रोक पाने में असमर्थ होना.
Third party image reference
अधिक उम्र के लोगों को विशेषकर महिलाओं को यह समस्या अधिक होती है. किसी को सिर्फ खांसने, छीकने, अचानक हंसी आने से भी पेशाब निकल जाता है और किसी को इतना तेज प्रेशर बनता है कि टॉयलेट तक पहुंचते-पहुंचते कपड़े में ही पेशाब हो जाते हैं. पेशाब रोक नहीं पाते हैं. इसके कारण कई बार शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती है. एक बार यूरिन इन्फेक्शन होने के बाद शरीर में बैक्टीरिया प्रवेश करने के बाद इन जीवाणुओं की संख्या बढ़ने की वजह से भविष्य के लिए यह काफी घातक साबित हो सकते हैं. यह एक बेहद खतरनाक ब्लैडर सिंड्रोम है. जिसकी वजह से यूरीन भंडार जिसे ब्लैडर कहा जाता है. में सूजन होने लगती है. और इस दौरान बहुत ही ज्यादा पेशाब आता है. लेकिन पेशाब बहुत ही कम मात्रा में आता है. ब्लैडर को मांसपेशियां ही रोकती है. यूरिन को बार-बार रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां बहुत कमजोर हो जाती है. ऐसा होने पर पेशाब की क्षमता पर भी असर पड़ता है.
यूरिन इन्फेक्शन के दौरान ब्लैडर की मांसपेशियां बहुत ही नाजुक हो जाती है. जिस वजह से आपको कितना ही तेज यूरिन क्यों ना आ रहा हो लेकिन आप इसे शरीर से बाहर निकाल नहीं पाते हैं. संबंध के समय साफ- सफाई का ध्यान नहीं रखना यूरिन इन्फेक्शन का एक सबसे बड़ा कारण है.
Third party image reference
पेशाब नियंत्रित नहीं कर पाने के कारण-
1 .डायबिटीज-
Third party image reference
डायबिटीज से ग्रस्त होने पर पेशाब ज्यादा और बार-बार आता है. जिसके कारण टॉयलेट समय से नहीं जा फेकने पर पेशाब लीक होने की संभावना होती है.
2 .गर्भावस्था-
Third party image reference
गर्भावस्था में महिलाओं के हार्मोन में बदलाव और गर्भाशय में शिशु का वजन बढ़ने से यूरिन इन्कोंटीनेंसी की समस्या हो सकती है.
3 .अनुवांशिकता कारण-
यदि परिवार में किसी एक सदस्य को यह परेशानी है तो अन्य सदस्य को भी यह परेशानी हो सकती है.
4 .मोटापा-
Third party image reference
मोटापा होने के कारण वजन अधिक होने से ब्लैडर तथा आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है. जिससे यह कमजोर हो सकती है और खांसी,छींक जैसी सामान्य गतिविधि होने पर भी पेशाब लिक हो सकता है.
5 .धूम्रपान-
Third party image reference
पेशाब को नियंत्रित नहीं कर पाने के पीछे धूम्रपान भी जिम्मेदार है. तंबाकू में मौजूद विषैले तत्वों के कारण यूरीन इन्कोंटीनेंस जैसी दिक्कत पैदा हो सकती है.
6 .प्रसव-
प्रसव के बाद यानी बच्चे को जन्म देने के बाद ब्लैडर की मांसपेशियां या नसें कमजोर हो सकती है और यह समस्या पैदा हो सकती है.
7 .मेनोपॉज-
मेनोपॉज यानी मासिक धर्म खत्म होने के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन बनना कम हो जाता है. यह हार्मोन पेशाब की नली और ब्लैडर को स्वस्थ रखता है. इसकी कमी के कारण पेशाब लिक हो सकता है.
8 .गर्भाशय निकलवा देना-
आजकल गर्भाशय में किसी तरह की परेशानी होने के बाद गर्भाशय निकलवा देना आम होते जा रहा है. इस ऑपरेशन के समय पेल्विक फ्लोर मसल को नुकसान होने पर पेशाब लीक हो जाने की परेशानी हो सकती है.
9 .उम्र अधिक होना-
उम्र बढ़ने पर ब्लेडर की मूत्र इकट्ठा करने की क्षमता तथा उसे नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों की ताकत कम हो जाती है. थोड़ी भी मात्रा अधिक होने पर तेज प्रेशर बनने लगता है और पेशाब को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है.
10 .प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ना-
पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाने से अपने आप पेशाब लीक होने की समस्या हो सकती है.
11 .रुकावट-
मूत्र संस्थान में गांठ या पथरी आदि होने से मूत्र सही तरीके से नहीं आ पाता है. ऐसे में पेशाब लीक होने की समस्या हो सकती है.
हम उम्मीद करते हैं कि यह जानकारी पसंद आई होगी. लाइक
Post a Comment