मानसिक तनाव के कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स

आजकल की व्यस्त जिंदगी में स्ट्रेस, डिप्रेशन, तनाव होना आम बात होता है जो एक गंभीर बीमारी का रूप ले रही है. इंसान अपने काम या अपनी परेशानियों को इतना बड़ा बना लेता है. उसे कई तरह की गंभीर बीमारियां होने लगती है. आए दिन हम अखबारों में पढ़ते हैं कई लोग अपने जीवन से दुखी होकर आत्महत्या तक कर लेते हैं. डिप्रेशन एक मानसिक समस्या है जिसमें कई लोग असामान्य हो जाते हैं और मानसिक संतुलन बनाए रखने में असमर्थ हो जाते हैं.

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आज के समय में यह समस्या हर दूसरे व्यक्ति को होती है. परिवार को लेकर, ऑफिस को लेकर या छोटी-छोटी चीजों को लेकर व्यक्ति काफी कुछ सोचता है. छोटी-छोटी समस्याओं को इतनी बड़ी बना लेता है कि वह खुद उन समस्याओं में इतना घिर जाता है कि उसके बाहर निकलना बड़ा मुश्किल हो जाता है.
आज इंसान अपनी लाइफ को अच्छा बनाने के लिए हर संभव प्रयास करता है. चाहे वह विद्यार्थी हो या बिजनेस मैन हो या पति पत्नी ही क्यों ना हो. हम सब अपनी लाइफ को अच्छा बनाना चाहते हैं. कोई भी रिलेशनशिप से संतुष्ट नहीं है. कोई पिता अपने बच्चों के काम से संतुष्ट नहीं है या कोई पत्नी अपने पति की हरकतों को लेकर संतुष्ट नहीं है. इस तरह की कई सारी परेशानियां आपने देखी होगी, कहने का मतलब यह है कि अधिकतर लोग अपनी लाइफ टेंशन में बिता रहे हैं. सारी सुख सुविधाएं होने के बावजूद भी तनाव से जुड़े रहते हैं. उन्हें कोई न कोई परेशानी बनी ही रहती है और यह तनाव उन्हें कई रोगों से ग्रसित कर देता है.

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तनाव इंसान के शरीर की वह स्थिति होती है. जब जीवन में कोई बदलाव आ जाए या इस बदलाव को मानसिक तौर पर वह सहन नहीं कर पाता है. हमारा मस्तिष्क परिस्थिति में थक जाता है और हम में तनाव होने लगता है. हमारे शरीर और मनोवैज्ञानिक कार्यप्रणाली को खराब कर देती है. हमारे कई हारमोंस में परिवर्तन हो जाते हैं और हम डिप्रेशन में चले जाते हैं यानी तनाव में आ जाते हैं.
तनाव के लक्षण-
देखा जाए तो तनाव के कई सारे लक्षण छोटे-छोटे लक्षण जो हमें दिखाई नहीं देते हैं या हम उन्हें समझ नहीं पाते हैं. छोटे-छोटे परिवर्तन होने के कारण हमारी लाइफ में कई बदलाव होते हैं.
नींद नहीं आना, भोजन नहीं पचना, ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं होना, ब्लड प्रेशर एकदम से कम या ज्यादा हो जाना, बिना काम के थकान महसूस होना, हमेशा उदास रहना, तेज सांस चलना, हमेशा चिड़चिड़ा रहना, बेवजह की बातों पर गुस्सा होना, सिर दर्द को बीमार जैसा महसूस करना, हमारा आत्मविश्वास कम होना, बालों का झड़ना व शरीर पर कई तरह के लक्षण हो सकते हैं.

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तनाव से बचने के टिप्स-
सुबह जल्दी उठे-
सुबह जल्दी उठना तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. आप सुबह जल्दी उठें. क्योंकि यह वह काम है जिससे आप के कई सारे काम बिगड़ सकते हैं. आपने देखा होगा कि देर तक सोने की आदत आपको कई मुश्किलों में डाल सकती है. देर से उठना, देर से सारे काम करना या ऑफिस देर से पहुंचना जिसके कारण आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती है और यही काम आपको डिप्रेशन की ओर ले जाएगा. आप देखेंगे कि देर तक सोने के कारण आपके कामकाज पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसी के साथ आपको जल्दी सोने की आदत भी डालना चाहिए. काम पर जल्दी निकलने और टाइम मैनेजमेंट पर पूरी तरह ध्यान दें. एक छोटा सा समय आप में बड़ा बदलाव ला सकता है और आपको तनाव से दूर रख सकता है.
बेवजह किसी भी काम को ना टालें-
हर बार आपने महसूस किया होगा कि आप की दिनचर्या में होने वाले कामों को आप कुछ समय के लिए टाल देते हैं जो ऐसा सोचते हैं कि आज नहीं इस काम को कल कर लेंगे या कल नहीं तो परसों कर लेंगे. तो ऐसा बिल्कुल ना करें. जब जिस काम की आवश्यकता हो उस काम को तुरंत निपटा लें. इस तरह कोई भी काम बाकी नहीं रहेगा और आपको उस काम को करने की टेंशन नहीं होगी. इस आदत को आप को अपने दिनचर्या में लाना होगा.
एक साथ कई काम करना बंद कर दें-
कई कई लोग एक साथ कई काम करने की सोचते हैं. कई बार हम सोचते हैं कि हम सारे काम एक साथ कर सकते हैं. कई लोगों को किसी दूसरे का काम पसंद नहीं आता है. वह उस काम को खुद करना पसंद करते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी ना करें. जिसका जो काम है उसे वह काम करने दे. अगर उसे नहीं आता है तो उसे बताएं या उसे सिखाएं कि इस काम को किस तरह किया जाता है. अगर आप ही करने लग जाएंगे तो दूसरों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. अगर घर में कोई बिजली का काम है तो उसे बिजली कर्मचारी को ही करने दे और भी कई सारे काम होते हैं जो हम नहीं कर सकते हैं. लेकिन करने का प्रयास करते हैं. जिससे कि वह काम और बिगड़ जाता है. इसमें हमारा जान और माल का भी नुकसान होने की संभावना अधिक होती है तो सदैव ध्यान रखें. कोई भी ऐसा काम जिसे हम नहीं कर सकते हैं हमें जिसकी जानकारी नहीं है उससे छेड़छाड़ ना करें.
अपने लिए समय निकालें-
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में आज किसी के पास समय नहीं है. टेक्नोलॉजी के इस नए दौर में इंसान सब कुछ जल्दी पा लेना चाहता है. आजकल ज्यादा से ज्यादा युवा अपना समय सोशल मीडिया पर बर्बाद करते हैं. जिनसे उनकी सोचने समझने की शक्ति समाप्त होने लगती है. वह अपने लिए टाइम नहीं निकाल पाते हैं. उन्हें क्या करना है या फ्यूचर में क्या करना चाहते हैं वह सोच भी नहीं पाते. अपना सारा समय भी वह सोशल मीडिया पर निकाल देते हैं. जिनका उन्हें कोई उपयोग नहीं है. अपना एक समय बनाएं कि उस समय हमें सोशल मीडिया पर काम करना है.
अपना समय अपने परिवार और अपने दोस्तों के साथ बिताएं. उनसे मजाक मस्ती करें. अगर आप शादीशुदा हैं और बच्चे हैं तो उनको समय दें. अपने जीवन साथी के साथ समय व्यतीत करें.
अपनी पसंद की करें-
हमें जो काम अच्छा लगता है वही करना चाहिए. हमारी जिस में रुचि है हमें वह करना चाहिए. चाहे वह डांस करना हो या पेंटिंग बनाना हो. म्यूजिक सुनना हो या कविताएं लिखना हो. जो भी आपको अच्छा लगे वह कर सकते हैं. अपना कीमती समय यहां लगा सकते हैं जो आपको तनाव मुक्त रहने में काफी मददगार साबित होगा. साथ ही मोटिवेशन मूवी देखना स्विमिंग कर सकते हैं या बायोग्राफी पढ़ना दूसरों के जीवन के बारे में पढ़ने से आपके विचारों में कई परिवर्तन आएंगे. ऐसी कई सारी चीजें हैं जिसे आप कर सकते हैं.
नशे से दूर रहे-
अधिकतर लोगों को आपने देखा होगा की नशे के आदी होते हैं. खासकर युवा वर्ग सबसे ज्यादा नशे की चपेट में हैं. सिगरेट, शराब और कई प्रकार के नशे में युवाओं को घेर रखा है. चाहे खुशी का मौका हो या कोई गम का शराब का सेवन हर कोई करता है. वही डिप्रेशन के अगर बात की जाए तो दूसरा व्यक्ति शराब का सेवन करता है. अगर आप भी डिप्रेशन में शराब पीते हैं तो सावधान हो जाएं. यह गलती बिल्कुल न करें. किसी भी प्रकार का नशा आपके तनाव को और बढ़ा सकता है और कई तरह की नई परेशानियों को खड़ा कर सकता है. इसके कई खतरनाक प्रतिक्रियाएं के कारण आपको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
आराम करें-
काम की भाग दौड़ में समय ना मिलने के कारण आप मानसिक तौर पर काफी व्यस्त रहते हैं. जिसके चलते आपके शरीर पर कई प्रभाव हो सकते हैं. काम के दौरान हर थोड़ी देर में आपको ब्रेक लेना चाहिए. यदि आपको काम करते हुए 2 घंटे से ज्यादा हो गए हैं तो बीच-बीच में कुछ मिनट का ब्रेक लेकर आराम जरूर करें. पानी पिए, बाहर जाएं, ताजी हवा में घूमे, किसी से बात करें, नए लोगों से मिले अपने आप को रचनात्मक बनाएं.

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