पुरुष और महिलाओं के गुप्त बीमारी का काल है यह पौधा, जान ले विस्तार से


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दोस्तों,आज हम जिस पौधे की बात करने जा रहे हैं उसका नाम अतिबला या खरैटी भी कहते हैं.यह पौधा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है.आयुर्वेद में इसका सदियों से इस्तेमाल किया जाता है.महिलाओं और पुरुषो के गुप्त रोगों को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.इसका प्रयोग नपुंसकता,धातुक्षीणता,और शारीरिक कमजोरी दूर करने के अलावा अन्य बिमारियों को भी दूर करने में प्रयोग किया जाता है.
तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
1 .शुक्रमेह-खरैटी का एक छोटा टुकड़ा लगभग 5-6 की जड़ को पीसकर पानी में घोटकर और छानकर सुबह खाली पेट पीने से कुछ ही दिनों में शुक्र धातु गाढ़ी हो जाती है.और शुक्रमेह होना बंद हो जाता है.
2 .सफ़ेद पानी जाना-महिलाओं में होने वाले सफ़ेद पानी जाना यानि ल्यूकोरिया को दूर करने का यह बेहतर उपाय है.इसके लिए खरैटी के बीजों का पाउडर को एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम शहद के साथ सेवन कर दूध पीने से सफ़ेद पानी जाना की समस्या दूर हो जाती है.
3 .शारीरिक कमजोरी-खरैटी की जड़ का पाउडर सुबह शाम गुनगुने दूध के साथ सेवन करने और भोजन में दूध और चावल का खीर बनाकर खाने से शरीर का दुबलापन दूर होता है.इसके सेवन से शरीर के सातों धातुएं पुष्ट और बलवान होती है.तथा शरीर में बल,धातु और ओज की वृद्धि होती है.
4 .मुत्रातिसार-खरैटी के चाल और बीज को बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में घी और शक्कर के साथ सुबह-शाम सेवन करने से वस्ती और मुत्रनलिका की उग्रता दूर होकर मुत्रातिसार दूर होता है.
5 .खुनी बवासीर-खरैटी के पंचांग को मोटा-मोटा कूटकर सुरक्षित रख लें.अब इसमें से एक चम्मच लेकर एक गिलास पानी में डालकर उबालें और जब चौथाई हिस्सा पानी बाख जाये तो उतारकर छान लें और ठंढा होने पर दूध में मिलाकर पी जाएँ ऐसा नियमित प्रयोग करने से बवासीर से खून आना रूक जाता है और खुनी बवासीर ठीक हो जाता है.
6 .पेशाब से खून आना- कई बार गर्मी की वजह से पेशाब में खून आने की समस्या हो जाती है जिससे मूत्र नली में जलन,दर्द और सूजन हो जाता है.इसके लिए खरैटी का काढ़ा बनाकर लगभग 40 ml सुबह-शाम पीने से पेशाब से खून आना बंद हो जाता है.
7 .मसूढ़ों की सूजन-अतिबला के पत्तों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से मसूढ़ों से आने वाला खून और मसूढ़ों का सूजन ठीक होता है.
8 .मासिक धर्म-जिनको मासिक धर्म रूक जाता है.या मासिकधर्म अनियमित आता है.उनके लिए यह बहुत लाभदायक होता है.इसके लिए खरैटी,चीनी,मुलेठी,बाद के अंकुर,नागकेशर और पीला फूल की काटेरी के जड़ की छाल को पीसकर पाउडर बना लें.अब इस पाउडर को एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से रुका हुआ मासिक धर्म चालू हो जाता है.और मासिकधर्म अनियमतता दूर हो जाती है.
9 .संतान प्राप्ति के लिए-जिनका कोई संतान नही है वैसी महिला को ऋतू स्नान के बाद खरैटी और नागकेशर को पीसकर दूध के साथ सेवन करने से दीर्घजीवी पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है.
दोस्तों,यह जानकारी कैसी लगी कमेन्ट कर जरुर बताएं.और अगर यह आर्टिकल पसंद आई हो तो लाइक,शेयर करें.
धन्यवाद.
आयुर्वेद-चिकित्सक-डॉ.पी.के.शर्मा.

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