थायराइड जल्दी कंट्रोल करना चाहते हैं तो जरुर करें इन चीजों से परहेज

आजकल थायराइड की समस्या बहुत तेजी हो रही है.जिसमे पुरुष तो कम लेकिन महिलाओं में यह समस्या अधिक हो रही है.तो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से थायराइड को जल्दी कंट्रोल करने के लिए कुछ चीजों के परहेज के बारे में बात करने वाले है जिससे थायराइड से जल्दी राहत पाया जा सकता है.

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तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
थायराइड क्या है ?
यह हमारे शरीर का एक प्रमुख एन्डोक्राइन ग्लैंड है जो तितली के आकर का होता है.और यह गले में स्थित होता है.जिसमे थायराइड हार्मोन का स्राव होता है.जो हमारे मेटाबोलिज्म दर को नियंत्रित करता है.थायराइड ग्लैंड शरीर से आयोडीन लेकर इन्हें बनाते हैं.यह हार्मोन शरीर के मेटाबोलिज्म को बनाये रखने के के लिए आवश्यक होता है.थायराइड हार्मोन का स्राव जा अनियंत्रित होता है तो शरीर की सभी भीतरी कार्यप्रणाली अव्यवस्थित हो जाती है.

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थायराइड दो प्रकार का होता है.
1 .हाइपो थायराइड-इसमें थायराइड ग्लैंड सक्रीय नही होता है.जिस वजह से शरीर को जरुरत के अनुसार टी 3 और टी 4 हार्मोन नमी पहुच पाता है.इस स्थिति में शरीर का वजन अचानक बढ़ जाती है.सुस्ती होने लगती है.किसी काम में मन नही लगता है.रोजाना की गतिविधियों में रुच नही होती है.रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है.पैरों में सुजन और ऐठन होने लगती है.चलने में परेशानी होती है.थान्धापन ज्यादा महसूस होती है.पेट में कब्ज की समस्या होती है.आँखे और चेहरे पर सूजन आ जाती है.महिलाओं में मासिक चक्र अनियमित हो जाती है.स्किन रूखे और बाल बेजान हो जाते हैं.और झड़ने लगते हैं.रोगी हमेशा तनाव में रहने लगता है.और बात-बात पर भावुक हो जाता है.आवाज में भारीपन आ जाता है.यह रोग ज्यादातर 30 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं में होता है.
2 .हाइपर थायराइड-इसमें थायराइड ग्लैंड बहुत अधिक सक्रीय हो जाता है.एवं टी 3 वा टी 4 हार्मोन ज्यादा मात्रा में स्रावित होकर खून में घुलनशील हो जाता है.इस स्थिति में अचानक शरीर का वजन घटने लगता है.भूख तेज लगने लगती है.रोगी को ज्यादा गर्मी लगती है.पसीना ज्यादा आता है.मांसपेशियां कमजोर हो जाती है.हाथ पैर कपने लगते हैं.नींद नही आती है.निराशा हावी हो जाता है.धड़कन ज्यादा हो जाती है.महिलाओं में पीरियड ज्यादा और अनियमित हो जाता है.गर्भवती महिलाओं को गर्भपात के मामले सामने आते हैं.हाइपर थायराइड 20 साल की महिलाओं में ज्यादा होने की संभावना रहती है.
थायराइड रोग होने का कारण-
इस बीमारी से पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज्यादा ग्रसित होती है.10 थायराइड मरीजों में से 8 महिलाएं होती हैं.महिलाओं में वजन बढ़ने का वजह थायराइड हो सकता है.इससे तनाव,अवसाद,नींद कम आना,ह्रदय का धड़कन ज्यादा होना,कोलेस्ट्रोल,बाँझपन,पीरियड्स समय पर न होना,जैसी परेशानियाँ सामने आ सकती है.

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थायराइड में परहेज-
1 .आयोडीन युक्त आहार-थायराइड ग्लैंड्स शरीर से आयोडीन लेकर थायराइड हार्मोन उत्पन्न करते हैं.इसलिए हैपो थायराइड है तो आयोडीन की ज्यादा मात्रा वाले खाद्य पदार्थ से उम्रभर के लिए दुरी बनाकर रखना चाहिए.सी फ़ूड और आयोडीन वाले नमक को अवैद करना चाहिए.
2 .कैफीन-यह वैसे तो सीधे थायराइड नही बढ़ता है.लेकिन यह उन परेशानियों को बढ़ा देता है जो थायराइड के कारण जन्म लेते हैं.जैसे-नींद और बेचैनी.
3 .रेड मीट-इसमें कोलेस्ट्रोल और सेचुरेटेड फैट बहुत ज्यादा होता है.इससे वजन तेजी से बढ़ता है.थायराइड से ग्रसित लोगों का वजन तो वैसे ही तेजी से बढ़ता है.इसलिए इससे दूर रहें.इसके अलावा थायराइड वालों को रेड मीट खाने से शरीर में जलन होने के चांसेज ज्यादा हो जाते हैं.
4 .एल्कोहल-शरीर में एल्कोहल एनर्जी लेबल को प्रभावित करता है.शर्ब के सेवन से थायराइड वाले लोगों को नींद में दिक्कत की समस्या और बढ़ जाती है.इसके अलावा शराब से ओस्टियोपोरोसिस की समस्या का खतरा ज्यादा हो जाता है.
5 .बनस्पति घी-इस घी को हाइड्रोजन में से गुजर कर बनाया जाता है.और यह अच्छे कोलेस्ट्रोल को प्रभावित करते हैं और बुरे कोलेस्ट्रोल को बढ़ावा देते हैं.बढे हुए थायराइड के कारण जो समस्या होती है.बनस्पति घी उसे बढ़ा देते हैं.इस घी का इस्तेमाल होटलों में ज्यादा होती है.इसलिए बाहर का फ्राइड खाना खाने से परहेज करें.
आयुर्वेद चिकित्सक-डॉ.पी.के.शर्मा.

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