इन पत्तियों में छुपा है मधुमेह का इलाज,एक बार जरुर जानें

आजकल के लाइफस्टाइल में मधुमेह तेजी से पाँव पसार रहा है.जिसका अभी तक कोई निश्ची इलाज सफल नही होने पाया है.लेकिन इसका रोक थम किया जा सकता है.इसके लिए कई तरह की दवाइयां बाजार में उपलब्ध है जो मधुमेह को आगे बढ़ने से रोकने में कारगर है.लेकिन इनके ज्यादा दिनों तक इस्तेमाल करने से शरीर में दुसरे बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है.लेकिन आज हम कुछ पत्ते के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके सेवन से मधुमेह को रोका जा सकता है.साथ इसके सेवन से किसी तरह का साइड-इफेक्ट नही होता है.

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तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
1 .जामुन की पत्तियां-
भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में हुए कई रिसर्च में जामुन की पत्तियों में मौजूद ‘माइरिलिन’ नामक यौगिक को खून में शुगर का स्तर कम करने में कारगर पाया गया है. विशेषज्ञ सुगर लेबल बढ़ने पर सुबह जामुन की चार से पांच पत्तियां को पीसकर पीने की सलाह देते हैं. शुगर लेबल नियंत्रित होता है और जब काबू में आ जाए तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए.

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2 .करी पत्ता-
करी पत्ते में मौजूद आयरन, जिंक और कॉपर जैसे मिनरल न सिर्फ अग्नाशय की बीटा-कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं, बल्कि उन्हें नष्ट होने से भी बचाते हैं. इससे ये कोशिकाएं इन्सुलिन का उत्पादन तेज कर देती हैं. मधुमेह पीडितों के लिए रोज सुबह खाली पेट 8-10 करी पत्ते चबाना लाभदायक होता है.

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3 .आम की पत्तियां-
विशेषज्ञ डायबिटीज के मरीजों को आम के सेवन नही करने और बचने की सलाह देते हैं, लेकिन इसकी पत्तियां मधुमेह की बीमारी की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकती हैं. दरअसल, आम की पत्तियां ग्लूकोज सोखने की आंत की क्षमता को कम करती हैं. इससे खून में शुगर का लेबल नियंत्रित रहता है. आम की पत्तियां सुखाकर पाउडर बना लें. खाने से एक घंटे पहले पानी में आधा चम्मच घोलकर सेवन करें.

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4 .नीम की पत्तियां-
आंत को ग्लूकोज सोखने से रोकने के अलावा नीम की पत्ती इनसुलिन के इस्तेमाल की शरीर की क्षमता भी बढ़ाती है. इसके सेवन को डायबिटीज की दवाओं पर निर्भरता घटाने में कामयाब माना गया है. विशेषज्ञ रोज सुबह खाली पेट नीम की ताजी पत्तियां पीसकर उनसे एक चम्मच रस निकालकर पानी के साथ पीने की सलाह  देते हैं.

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5 .तुलसी की पत्तियां-
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने वाली तुलसी की पत्तियां अग्नाशय की बीटा-कोशिकाओं की गतिविधियों को नियमित बनाए रखती हैं. इससे ये कोशिकाएं सही मात्रा में इन्सुलिन का उत्पादन करती हैं और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है. डायबिटीज पीडितों के लिए रोज सुबह खाली पेट 2 से 4 तुलसी पत्तियां चबाना लाभदायक होता है.

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6 .पपीते की पत्तियां-
एएलटी और एएसटी एंजाइम का स्तर घटाने में पपीते की पत्तियां कारगर होती हैं. इससे इन्सुलिन के इस्तेमाल से शरीर की क्षमता बढ़ती है और ग्लूकोज तेजी से ऊर्जा मेंबदलने लगता है. लिवर बढ़ने, किडनी खराब होने का खतरा कम करने में भी पपीते की पत्तियां फायदेमंद होता हैं. रोज सुबह पपीते की 8 से 10 पत्तियां पानी में उबालकर पीना फायदेमंद होता है.

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7 .गुरमार की पत्तियां-
अग्नाशय में इन्सुलिन का उत्पादन बढ़ाने वाली गुरमार की पत्ती उसकी कार्य क्षमता को भी बढ़ाने का काम करती है. इससे ग्लूकोज के ऊर्जा में बदल जाने की गति बढ़ती है. मीठे की तलब शांत करने में भी इसे बेहद लाभदायक पाया गया है. विशेषज्ञ सुबह खाली पेट गुरमार की दो से तीन पत्तियां चबाने की सलाह देते हैं. या इसके एक चम्मच पाउडर को पानी के साथ सुबह लेने की सलाह देते हैं.

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आयुर्वेद चिकित्सक-डॉ.पी.के.शर्मा.

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