दिमाग की ताकत बढ़ाना चाहते हैं तो भूलकर भी नही करें,ये काम

दोस्तों,दिमाग को तेज बनाने और स्वस्थ रखने के लिए रखने के लिए पौष्टिक,मिनरल्स और विटामिन्स युक्त चीजों के साथ समय पर सोना और समय पर खाना जरुरी होता है.लेकिन क्या आपने इस बात पर कभी ध्यान दिया है. लोग इस बात पर ध्यान नही देते है.क्योंकि आजकल के लाइफस्टाइल में लोग सोचते हैं कि हर एक एक्शन से हमारे शरीर पर असर होगा.न तो एक्स्ट्रा चीज पिज्जा आर्डर करते हुए कुछ सोचते है और न ही क्लब में बैठकर क्रैनबेरी ब्रिजर आर्डर करते हुए.

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दोस्तों,सिर्फ खान-पान ही नही बल्कि हमारे रोजाना के प्रोग्राम का भी हमे कुछ खास ख्याल नही रहता है.न ही सोने का समय पता होता है और नहीं उठने का समय पता होता है.कभी तो खुद के लिए समय नही होता है तो कभी दोस्तों से मिलने का समय नही होता है.लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन सभी हरकतों का असर हमारे स्वास्थ के साथ दिमाग पर पड़ता है.
तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
1 .बाहर के खाने से दूर रहें-मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए अच्छा खान-पान जरुरी होता है.स्वस्थ रहने के लिए जरुरी है कि बैलेंस डाईट लें.बाहर का खाना या फास्टफूड उच्च कैलोरी युक्त होते हैं.जबकि उसमे न्यूट्रीशन का स्तर कम होता है.न्यूट्रीएंट्स का कम होने का मतलब है कि उसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है.और इससे न सिर्फ हमारे निजी जिंदगी पर पड़ता है.बल्कि प्रोफेसनल जिंदगी पर भी इसका असर पड़ता है.इसलिए बार-बार बाहर का खाना और फास्टफूड खाने से बचना चाहिए.
2 .तनाव में रहना-आजकल के व्यस्त जिंदगी में तनाव का होना आमबात है.जिसका असर स्वास्थ के साथ दिमाग पर भी पड़ता है.क्योंकि जिंदगी में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं.अगर ऐसी परिस्थिति आये तो सरेस नही लेनी चाहिए बल्कि इसका डटकर मुकाबला करना चाहिए.आखिर गम के बदल हटने के बाद ख़ुशी का दिन आता है.इसलिए स्ट्रेस नही लें.स्ट्रेस लेने से आपके यादास्त पर असर पड़ने लगता है.इसलिए जरुरी है कि खुद के साथ थोड़ा वक्त गुजारें.और ब्रेन फील गुड हार्मोन को नष्ट नहीं होने दें.क्योंकि ये हार्मोन आपको आपके काम को एन्जॉय करने में मदद करता है.
3 .व्यायाम करना-हमेशा से व्यायाम करना स्वास्थ के लिए फायदेमंद होता है.यह न सिर्फ शारीरिक तौर पर बल्कि मानसिक तौर पर भी हमें स्वास्थ रखता है.फिजिकल व्यायाम करने से हमारे सोचने-समझने की क्षमता बढती है.साथ ही याद रखने की भी क्षमता बढती है.इसलिए व्यायाम जरुर करना चाहिए.व्यायाम से दुरी नही बनाने चाहिए.
4 .लोगों से मिलना-कई लोग ऐसे होते हैं कि अपने व्यस्तता के वजह से उनके पास समय नही होने के कारण किसी से मिलना-जुलना नही कर पाते हैं.जबकि लोगों से मिलना बाते करना हमारे सोचने-समझने कि क्षमता को बढाता है. अकेले रहने पर व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो जाता है क्योंकि कोई काम नही रहने पर व्यक्ति कोई बातें सोचकर तनाव में आ जाता है.इसलिए लोगों से मिलना-जुलना नही चोडना चाहिए.
5 .नींद पूरी नही करना-आजकल कि व्यस्त जिंदगी में अक्सर लोग नींद पूरी नही कर पाते हैं.क्योंकि अक्सर लोग रात को देर से सोते हैं और सुबह जल्दी जागते हैं.जितना ज्यादा जिम्मेदारी उतनी ही लोग कम नींद ले पाते हैं.लेकिन भरपर नींद नही लेने पर व्यक्ति थका हुआ महसूस करता है.इतना ही नही दिनभर के कामों में मन नही लगता है.इसका नतीजा न तो शरीर को आराम मिलेगा और नही ही काम में तरक्की होगी.इस तरह स्वास्थ को भी नुकशान होगा जिस वजह से यादास्त में कमी आएगी.इसलिए इन्सान को भरपूर नींद लेना चाहिए.

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