एड्स होने का कारण लक्षण और बचाव कैसे करें
कल्याण आयुर्वेद -इस चैनल में आपका स्वागत है.एड्स एक खतरनाक बीमारी है इससे बचना मनुष्य का कर्तब्य होता है क्योंकि एक बार जिसे यह लग जाता है जीवन को बर्बाद कर देता है एक बार जिस व्यक्ति में HIV पॉजिटिव आ जाता है उसे अगले 8-9 गंभीर बीमारियाँ होने शुरू हो जाते हैं और अंततः उनका स्थिति ख़राब हो जाता है.तो आज हम बताने जा रहे है एड्स के होने के कारण और लक्षण और बचाव के उपाय.
पुरुष और महिला दोनों में सामान्य लक्षण और कारण होते हैं.
एड्स होने के कारण-
1 .शारीरिक सम्बन्ध-एड्स एक से अधिक महिलाओं के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने से होता है.या एड्स संक्रमित महिला के बच्चों को स्तनपान कराने से होता है.
2 .एक ही सिरिंज-बहुत बार ऐसा होता है कि एक ही सिरिंज से कई लोगों को इंजेक्शन लगा देते है और अगर HIV पोजिटिव व्यक्ति में इस्तेमाल किया हुआ सिरिंज हो तो दुसरे व्यक्ति को संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.
3 .खून-एड्स पीड़ित व्यक्ति का खून चढाने से दूसरे व्यक्ति में HIV का संक्रमण होता है.
4 .अन्य कारण-दाढ़ी बनवाते समय,टैटू बनवाते समय या शरीर में कोई छेद करवाते समय अगर उसके पहले कोई एड्स पिट का इस्तेमाल किया हुआ ब्लेड या औजार हो तो एड्स होता है.
एड्स के लक्षण-
1 .शरीर का वजन गिरते जाना.
2 .बार बार बुखार होना.
3 .एक हप्त्ये तक लगातार दस्त होना.
4 .शरीर में दर्द बना रहना.
5 .बार-बार फंगल इन्फेक्शन होना ,रात में ज्यादा पसीना आना.
6 .मानसिक रोग होना,यादास्त कमजोर होना,या कोई भी बीमारी बार बार होते रहना.
बचाव के उपाय-
1 .अपने साथी से बफादार रहे.ज्यादा व्यक्तियों से शारीरिक सम्बन्ध नही बनाना चाहिए.अगर जरुरत भी पड़े तो कंडोम का इस्तेमल्क करना चाहिए.
2 .अगर नाइ के यहाँ बार-बार दाढ़ी बनवाते हैं तो न्य ब्लेड का इस्तेमाल कराएं.
3 .कभी इंजेक्शन लगवाते समय ध्यान दे और नया सिरिंज का इस्तेमाल करें.
4 .अगर अस्पताल में खून चढाने कि जरुरत पड़े तो पहले कन्फर्म हो लें कही खून देने वाला एड्स पीड़ित तो नही है अगर एड्स पीड़ित नही है तो ही खून लें.
दोस्तों, एड्स खतरनाक बीमारी है इसलिए सावधानियां ही बचाव है.तो यह पोस्ट कैसा लगा कमेन्ट करे और शेयर करे ताकि इस जानकारी से किसी का जीवन बाख सकता है.





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