डायबीटीज के लक्षण,कारण और कंट्रोल करने के 10 तरीके

किरण आयुर्वेद में आपका स्वागत है.दोस्तों मधुमेह यानि शुगर आज लगभग 6 में से 4 लोगों को हो रही है और मधुमेह बहुत तेजी से फ़ैल रही है.जिससे कितने व्यक्ति तबाह हो रहे हैं. परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

मधुमेह के प्रकार-
मधुमेह दो प्रकार के होते हैं.
1 .टाइप -1 डायबीटीज -इसमें हमारा शरीर इन्सुलिन उत्पादित नही करता है.
2 .टाइप-2 डायबीटीज-इसमें हमारा शरीर इन्सुलिन उत्पादन करता है पर उतना उत्पादन नही कर पाता है जितना हमारे लिए जरुरी होता है.वह ठीक से काम नही कर पाता है.
डायबीटीज होने के कारण-आज के लाइफस्टाइल डायबीटीज के मुख्या कारक है.डायबीटीज वैसे लोगों को ज्यादा होती है जो बैठ कर ज्यादा काम करते है.आयुर्वेद के अनुसार डायबीटीज पिट रोग होता है जो अनियमित खान-पान से बढ़ता है.ज्यादा दिमागी काम,तनाव में रहना मीठे चीजों का ज्यादा सेवन करना,अधिक मात्रा में आहार लेनेवाले,मोटापा,धुम्रपान,शराब,गांजा,भंग आदि नशीली वस्तु यकृत या क्लोम ग्रंथियों के कार्य में कमी,पैत्रिक परंपरा यां उनके खंडन में किसी को डायबीटीज होना,कभी-कभी चिंता के अधिकता से भी यह रोग हो जाया करता है.
मधुमेह होने के अन्य कारण भी होते हैं-
इन्सुलिन रिसेप्टर की गड़बड़ी.पेनक्रियाज की सिकुडन से या डक्टस में स्टोन होने से,अग्नाशय कैंसर होने से,सिस्टिक फाइब्रोसिस होने पर,शरीर में हारमोंस बदलाव,वायरल इन्फेक्शन और संक्रमण,प्रयाप्त मात्रा में शारीरिक श्रम नही करना,दवाइयों के बुरे प्रभाव,जैसे मूत्र ज्यादा लाने वाली दवैया और गर्भनिरोधक दवैया आदि.
मधुमेह 45 से 55 की आयुवर्ग के व्यक्तियों को अधिक पाया जाता है महिलाओं की अपेक्षा प[उरुशों में यह ज्यादा होती है.
मधुमेह यानि डायबीटीज के लक्षण-
मधुमेह रोग धिरे-धीरे अज्ञात रूप से होता है.रोगी को सबसे पहले बहुमूत्र की शिकायत होती है यानि पेशाब जल्दी-जल्दी होता है.पेशाब से जल अधिक निकल जाने से मुंह बार-बार सूखता है.पेशाब के साथ ग्लूकोज की मात्र अधिक निकल जाने से भूख अधिक लगती है लेकिन बाद में भूख कम होने लगती है.शरीर में कमजोरी आने लगता है.और कमजोरी होने से शरीर का भर कम होने लगता है.व्यक्ति को थकावट महसूस होती है.आतों की श्लेश्म्कला शुष्क रहने से मलावरोध होने लगता है.त्वचा सूखी और स्पर्श में खुरदरी महसूस होने लगती है.किसी तरह घाव होने या कट जाने पर जल्दी घाव नही भरता है.इत्यादि लक्षणों से डायबीटीज को पहचाना जा सकता है.
आइये जानते हैं डायबीटीज कंट्रोल रखने के तरीके-
1 .दोस्तों,डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना सबसे महत्वपूर्ण होता है.इसलिए रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना चाहिए.और सुबह की हवा में मोर्निग वाक करना डायबिटीज रोगी के लिए फायदेमंद रहता है.
2 .डायबिटीज आयुर्वेद के अनुसार पित रोग होता है और पित बढ़ने का सबसे बड़ा कारण भूख सहना होता है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को भूख नही सहना चाहिए एवं अधिक खाना भी नुकसानदायक होता है इसलिए भोजन थोडा-थोडा करके खाना चाहिए.
3 .डायबिटीज रोगी को संतुलित आहार लेना चाहिए.जो शरीर को विटामिन और प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करे.रोगी के भोजन में चोकर युक्त आंटा, हरी सब्जियां,फल अधिक होने चाहिए,क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने से रक्त में ग्लूकोज की मात्र नही बढती है.
4 .मधुमेह रोगी के भोजन में चीनी,गुड़,शहद,मक्खन,घी,मलाई युक्त दूध,आइसक्रीम,चौकलेट,आलू चावल,आम ,केला,शक्कर कंद,नही लेना चाहिए क्योंकि इसमें कार्बो हाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है जो ब्लड ग्लूकोज को बाधा देती है.
5 .मधुमेह के रोगी को हल्का व्यायाम करना चाहिए.और टहलना सबसे फायदेमंद होता है.
6 .डायबिटीज रोगी को सुबह करेला का जूस पीना फायदेमंद होता है क्योंकि करेला में ब्लड ग्लूकोज कंट्रोल करने की अद्भूत क्षमता होती है है.

7 .डायबिटीज रोगी को ग्रीन टी पीना फायदेमंद होता है क्योंकि ग्रीन टी में एंटीओक्सीडेंट होता है जो शरीर में फ्रीरेडिकल्स से लड़ाई करता है.और ब्लड सुगर लेबल को कंट्रोल करने में मददगार होता है.डायबिटीज रोगी को बिना चीनी के ही ग्रीन टी पीना चाहिए.
8 .डायबिटीज कंट्रोल करने में दालचीनी मददगार होता है क्योंकि दालचीनी शरीर के सूजन को कम करता है और सुगर लेबल को नियंत्रित करता है इसलिए चाय या फिर गरम पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर लेना चाहिए.
9 .मधुमेह रोगी को सोया खाना फायदेमंद होता है.क्योंकि इसमें मौजूद इसोफ्लाबोंस सुगर लेबल को कंट्रोल करके शरीर को पोषण पहुचाता है.इसका सेवन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में करना चाहिए.
10 .मेथी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का सबसे बढियां उपाय है इसके लिए मेथी को हल्के भूनकर पीसकर पाउडर बना लें और सुरक्षित रख लें.इस पाउडर में से एक चम्मच सुबह -शाम हल्के गुनगुने पानी से सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल रहता है.मेथी का साग खाना भी फायदेमंद होता है.

दोस्तों,जिस व्यक्ति को एक बार डायबिटीज रोग हो जाता है वह जीवनभर ठीक नही होता लेकिन इस बीमारी को कंट्रोल कर लम्बा जिंदगी सुखपूर्वक बिताया जा सकता है दोस्तों यह पोस्ट कैसा लगा कमेन्ट करें और लाइक के साथ शेयर करें क्या पता इस उपाय से किसी की जिंदगी संवर जाए.नमस्कार दोस्तों.
आयुर्वेद चिकित्सक-डा.पी.के.शर्मा.


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