शादी से पहले जिन लड़के-लड़कियों को पता होती है संबंध से जुडी ये बातें,जिंदगी में नही होती परेशानी

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि लड़का हो या लड़की हर किसी को एक न एक दिन शादी जैसे पवित्र बंधन में बंधना पड़ता है. चाहे अरेंज मैरिज हो या लव मैरिज शादी एक ना एक दिन होना ही है. शादी के बाद हर कपल शारीरिक संबंध का इंजॉय करते हैं. कहा गया है कि शारीरिक संबंध बनाने से पति- पत्नी के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं और उनका प्यार बढ़ता है. साथ ही साइंस के अनुसार नियमित शारीरिक संबंध बनाने से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं क्योंकि नियमित शारीरिक संबंध एक्सरसाइज का काम करता है. इसलिए हमें कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं. लेकिन आज हम इस पोस्ट के माध्यम से कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं. जिन लड़के- लड़कियों को शादी से पहले यह बातें पता होती है. शायद ही कभी उनके रिश्ते और स्वास्थ्य में किसी तरह का कमी आ जाए.

Copyright Holder: Kalyan ayurved
तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
सुहागरात-

Copyright Holder: Kalyan ayurved
दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि शादी की पहली रात को सुहागरात के नाम से जाना जाता है. यह रात हर लड़के लड़कियों के लिए खास होता है. इसलिए इस रात को हर इंसान को ऐसा बनाना चाहिए कि यादगार बन कर रह जाए. इसके लिए बेडरूम का माहौल ऐसा हो कि किसी तरह का कोई परेशानी ना हो. सुहागरात से पहले बैडरूम की सजावटी और खुशबूदार होने से कपल्स के बीच प्यार बढ़ता है. सुहागरात की रात को शारीरिक संबंध बनाने से पहले कपल्स को एक दूसरे को अच्छी तरह जान लेना चाहिए. इसके लिए आपस में उन्हें बातचीत करनी चाहिए. बातचीत से यह पता चलता है कि उनका स्वभाव कैसा है. उसके अनुसार ही शारीरिक संबंध बनाने की सोचना चाहिए.
कई बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए लड़कियां तो जल्दी बाजी नहीं करती हैं. लेकिन लड़के जल्दी बाजी कर बैठते हैं. साथ ही कई बार वे अपना पार्टनर के साथ पुरुषत्व दिखाने के लिए वियाग्रा जैसे दवाओं का सेवन करते हैं. जो उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है. साथ ही सुहागरात की पहली रात को अक्सर लड़के या लड़कियां पहली बार शारीरिक संबंध बनाते हैं. जिससे लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाने से उनके अंदर ज्यादा थकान महसूस होने का चांस बढ़ जाता है. इसके अलावे कई लड़के एडल्ट फिल्में देख कर एडल्ट फिल्मों की तरह शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास करते हैं. जो शायद ही शादी की पहली रात को कोई भी लड़की ऐसा करना चाहती हो. इसलिए लड़के को एडल्ट फिल्म की तरह शारीरिक संबंध बनाने की तरह नहीं सोचना चाहिए. बल्कि अपने पार्टनर के पसंद के अनुसार ही संबंध बनाने चाहिए. इससे कपल्स के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं एवं किसी तरह का कोई शारीरिक नुकसान भी नहीं होता है.
पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध-

Copyright Holder: Kalyan ayurved
जैसा कि आप जानते हैं कि हर महिलाओं को प्रति महीना पीरियड्स होता है. इस दौरान शारीरिक संबंध से परहेज रखना उचित होता है. हालांकि आजकल बहुत से लोग इस को नहीं मानते हैं और पीरियड्स के दौरान भी शारीरिक संबंध बना लेते हैं. जिससे कई बार महिला को कष्ट बढ़ जाता है हालांकि वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता है कि पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से शारीरिक नुकसान पहुंचते हैं. पीरियड्स के दौरान संबंध बनाना काफी सहज और आनंददायक होता है क्योंकि इस दौरान स्त्री के प्रजनन अंगों में गीलापन होता है. इस दौरान संबंध बनाने से पीरियड्स की अवधि कम होती है. पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं चिडचिडा स्वभाव की हो जाती हैं. ऐसे में संबंध बनाने से उनका चिड़चिड़ापन कम हो सकता है. पीरियड के दौरान संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना बहुत कम होती है. लेकिन इस दौरान अगर आप संबंध बनाना ही चाहते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें. संबंध बनाने से पहले महिला प्राइवेट पार्ट को अच्छी तरह साफ और स्वच्छ कर ले. इससे संक्रमण की संभावना बिल्कुल ही खत्म हो जाती है. इसके बावजूद भी अगर महिला को शारीरिक कमजोरी है या इस दौरान संबंध बनाने से दर्द की अनुभूति होती है तो संबंध नहीं बनाना ही बेहतर होगा.
गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध-

Copyright Holder: Kalyan ayurved
इस बात को भी आप भली-भांति जानते हैं कि शादी के बाद गर्भावस्था की भी एक अवस्था आती है. लेकिन कई लोग इस दाव- पेच में पड़ जाते हैं कि गर्भावस्था में संबंध बनाना ठीक है या नहीं. क्या इससे गर्भस्थ शिशु को कोई हानि हो सकती है या प्रेग्नेंट महिला को कोई तकलीफ हो सकती है आदि प्रकार के सवाल महिला एवं पुरुषों के मन में उठते रहते हैं जैसे-जैसे गर्भावस्था बढ़ती जाती है. महिला की परेशानी भी बढ़ती जाती है. इसलिए गर्भावस्था के दौरान संबंध बनाना थोड़ा कठिन हो जाता है क्योंकि प्रेग्नेंट महिला के पेट पर किसी प्रकार का दबाव उसके तथा भ्रूण दोनों के लिए कष्टकारी तथा नुकसानदेह हो सकता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैसे छठे और सातवें माह तक की गर्भावस्था में संबंध बनाया जा सकता है. लेकिन इसके लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी. इसके लिए डॉक्टर की सलाह भी लेनी जरूरी है. गर्भावस्था में संबंध अगर बनाना ही चाहते हैं तो इस प्रकार सावधानी बरतें की आपके पार्टनर का पेट न दबे, भ्रूण पर दबाना पड़े एवं पीड़ा का अनुभव ना हो आप सावधानीपूर्वक गर्भावस्था के दौरान भी शारीरिक संबंध बना सकते हैं.
प्रसव के बाद शारीरिक संबंध-

Copyright Holder: Kalyan ayurved
जैसा कि आप जानते हैं कि शादी के बाद हर इंसान बच्चे को जन्म देना चाहता है. लेकिन अब यहां बात आती है प्रसव के बाद संबंध बनाने की. तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रसव के तुरंत बाद शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित नहीं माना जाता है. ऐसे में शादीशुदा दंपति के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि डिलीवरी के कितने दिन बाद शारीरिक संबंध बनाना अच्छा रहेगा. तो आपको हम बता दें कि प्रसव 2 तरह से होती है. पहला तो नॉरमल यानी सामान्य प्रसव एवं दूसरा सिजेरियन डिलीवरी. प्रसव होने के बाद भी महिलाएं थक चुकी होती है और शारीरिक कमजोरी उनके अंदर हो जाती है. इसलिए उन्हें फिट होने तक शारीरिक संबंध बनाने की नहीं सोचना चाहिए. क्योंकि प्रसव के बाद महिलाओं के अंदरूनी अंग कमजोर होते हैं और घाव को भरने में भी समय लगता है. ऐसी स्थिति में स्त्री-पुरुष दोनों को ही संक्रमण का खतरा भी रहता है. बहुत से केस में डिलीवरी के 3 सप्ताह तक महिला को रक्तस्राव होता है. इस प्रक्रिया से महिला का गर्भाशय स्वच्छ होता है. अगर इस समय शारीरिक संबंध बनाए जाएं तो संक्रमण हो सकता है. इसलिए रक्त स्राव बंद होने के बाद ही एक दूसरे के निकट आना चाहिए. इसके अलावा प्रसव होने के बाद महिला में भावनात्मक और शारीरिक रूप से भी उतार चढ़ाव होता है. जिससे उनके मस्तिष्क पर प्रभाव पड़ता है. इसलिए महिला जब तक मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत ना हो जाए शारीरिक संबंध से दूरी बना कर रखना चाहिए एवं पति की भी जिम्मेदारी होती है कि अपने पार्टनर के स्वास्थ्य का ख्याल रखें.
कामेच्छा में कमी-

Copyright Holder: Kalyan ayurved
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अक्सर प्रसव होने के बाद महिलाओं में कामेच्छा की कमी होने लगती है. दूसरे या तीसरे प्रसव होने के बाद महिलाओं में अगर अच्छा और पौष्टिक खानपान नहीं है तो लगभग 50 परसेंट कामेच्छा में कमी आ जाती है एवं पुरुषों में भी का कामेच्छा में कमी आने लगती है हालांकि ऐसा ज्यादातर तब होता है जब कई लोग कई बार दवाओं का सेवन कर संबंध लाइफ का इंजॉय करते हैं. ऐसी कई दवाएं हैं जो संबंध हार्मोन पर गहरा असर डालते हैं. हालांकि ऐसा नहीं होता है कि दवाओं के कारण ही रुचि कम होती है. इसके अलावा भी पुरुषों में या महिलाओं में कई कारणों से कामेच्छा में कमी आ सकती है. कई बार अन्य बीमारियों की दवा ज्यादा दिनों तक सेवन करने से भी कामेच्छा में कमी आती है. अगर उदाहरण के तौर पर माने तो उच्च रक्तचाप की दवाएं, हार्मोनल दवाएं, पेन किलर, अस्थमा में ली जाने वाली दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, अल्सर के इलाज की दवा आदि के नियमित सेवन करने से कामेच्छा में कमी आती है.
अक्सर पुरुषों में घर परिवार की जिम्मेदारी का बोझ और भागदौड़ की जिंदगी में होने वाले तनाव के कारण संबंध इच्छा में कमी आ जाती है.
प्रोस्टेट ग्रंथि के अधिक बढ़ जाने यानी संबंध विकार से भी संबंध हारमोंस में बदलाव आता है.
शरीर में टेस्टोस्टेरोन हारमोंस के स्तर में कमी आने से कामेच्छा में कमी आती है.
शरीर में और कई अन्य कमजोरी आने के कारण भी कामेच्छा में कमी आती है.
यह तमाम ऐसे वजह है जिनसे संबंध बनाने कामेच्छा में कमी आ जाती है और कई बार महिलाओं में महिला संबंधी विकार होने से या फिर विभिन्न आयु में कामेच्छा कम हो जाती है. इस तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क कर उचित इलाज कराना चाहिए.
संक्रमण का खतरा-
एक से अधिक महिला या पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. खासकर वैसे महिला या पुरुष जिनके अंदर एचआईवी पॉजिटिव हो उनके संपर्क में आने से संक्रमण हो जाता है. इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब भी एक से अधिक से शारीरिक संबंध बनाए तो कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें यह आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है.
दोस्तों, यह पोस्ट किसी की इच्छा को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि आपकी एवं जनहित के जानकारी के लिए प्रसारित किया गया है. अगर इसमें किसी तरह का कोई त्रुटि समझ में आए तो उसके लिए हमें माफ कीजिए एवं कमेंट में आप हमारी त्रुटि को जरूर बताएं. इसके लिए हम आपका सदा आभारी रहेंगे एवं हमें उस त्रुटी को सुधार करने में आपके द्वारा मदद मिलेगी.
धन्यवाद.
आपका दिन शुभ हो.
आयुर्वेद चिकित्सक- डॉ. पी.के शर्मा.

No comments

Powered by Blogger.