गर्भधारण में परेशानी हो रही है तो आजमाएं ये घरेलू उपाय
गर्भधारण करने के बाद महिला को साफ और गुलकंद मिलाकर पानी के साथ पीसकर प्रतिदिन नियमित रूप से पिलाने से गर्भपात की आशंका बहुत कम हो जाती है. गर्भधारण करने के बाद से ही बच्चे के जन्म तक सौफ का नियमित सेवन करना गर्भ को सुरक्षित रखता है.
आपके किचन में उपलब्ध होने वाला सौफ एक सुगंधित और स्वादिष्ट जड़ी बूटी है. जिसमें कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं. लेकिन अगर आपके किचन में यह सब मौजूद नहीं है तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप जरू सौफ ले आएंगे. आयुर्वेद के अनुसार सौफ की तासीर ठंडी होती है. इसलिए गर्मी के दिनों में इसका इस्तेमाल कई रूप में लोग करते हैं. साथ ही सौफ में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं. सौफ का इस्तेमाल सिर्फ खाना बनाने में ही नहीं बल्कि खाने के बाद इस चबाने में भी किया जाता है. ज्यादातर लोग खाना खाने के बाद सौफ चबाना पसंद करते हैं. इसके सेवन से कई परेशानियां दूर हो जाती है.
हींग-
अगर किसी महिला का अंग कांपे तो गर्भाशय में वायु दोष समझना चाहिए. इसके लिए हींग को पीसकर तिल के तेल में मिलाकर रूम में लगाकर गर्भाशय के मुंह पर 3 दिन तक लगातार रखना चाहिए. इससे गर्भ स्थापित होता है.
सेवती-
यदि महिला का पूरा शरीर दुखे तो समझना चाहिए कि गर्भाशय में गर्मी अधिक है. जिसके वजह से गर्भधारण नहीं हो रहा है. इसके लिए सेवती के फूल के रस में तिल का तेल मिलाकर रुई में लगाकर गर्भाशय के मुंह पर 3 दिन लगातार रखना चाहिए.
राई-
अगर किसी महिला की पिंडली दुखती है तो समझे कि गर्भाशय में अधिक ठंडक है. इसके लिए राई, कायफल, हरड़, बहेड़ा बराबर मात्रा में लेकर पीसकर पाउडर बना लें. फिर 1 ग्राम पाउडर को साबुन के पानी में मिलाकर रूई में लगाकर गर्भाशय के मुंह पर रखना चाहिए. इसके प्रयोग से गर्भधारण हो जाता है.
काला जीरा-
किसी महिला का पेट दुखे तो समझना चाहिए कि गर्भाशय में जाला है. इस जाला से निजात पाने के लिए काला जीरा, भुना हुआ सुहागा, वच, कुठ बराबर मात्रा में लेकर पीसकर पाउडर बना लें. फिर 1 ग्राम दवा पानी में पीसकर रूई में लगाकर गर्भाशय के मुंह पर 3 दिन तक रखना चाहिए.
सौफ-
जिस महिला को गर्भधारण में समस्या आ रही है और गर्भधारण नहीं हो पा रही है. तो 100 ग्राम सोफ पीसकर पाउडर बना लें. अब 6 ग्राम की मात्रा में घी के साथ इस पाउडर का 3 महीने नियमित सेवन करने से निश्चित रूप से गर्भधारण हो जाती है. यह मोटापा से ग्रसित महिला के लिए विशेष फायदेमंद है. यदि महिला दुबली- पतली हो तो उसमें शतावरी चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए. 100 ग्राम शतावरी चूर्ण 12 ग्राम घी मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से गर्भाशय की समस्त बीमारियां दूर होती है और गर्भ धारण करने में मदद मिलती है.
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धन्यवाद.
सोर्स- जेके हेल्थ वर्ल्ड
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