थायराइड होने के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय
आजकल के व्यस्त जिंदगी में अनियमित खान-पान,रहन-सहन आदि के बदलाव में थाइराईड का होना एक आम समस्या होती जा रही है.इस बीमारी से पुरुष तो कम लेकिन अक्सर महिलाएं ग्रसित हो रही हैं.
थाइराइड गले में एक ग्रंथि है.जिससे थायरोक्सिन हरमोन बनता है.जब इसकी कार्य प्रक्रिया बिगड़ता है तब यह रोग बन जाती है.जब यह हरमों कम होने लगते हैं तो शारीर का मेटाबोलिज्म काफी अधिक होने लगता है.और शारीर की उर्जा जल्दी ख़त्म होने लगती है.जब थायरोक्सिंन हार्मोन ज्यादा हो जाए तो मेटाबोलिज्म रेट काफी धीरे होने लगता है.जिस वजह से शारीर में उर्जा कम बनाने लगती है और थकान,सुस्ती बढ़ने लगता है.इसके लिए लोग कई तरह के दवाओं का सेवन करते हैं.हालाँकि जिस व्यक्ति को थायराइड की समस्या हो जाती है.अंग्रेजी डॉक्टरों के अनुसार इसका दवा जिंदगी भर सेवन करना पड़ता है.लेकिन आयुर्वेद के अनुसार थायराइड को ठीक किया जा सकता है.
थायराइड की समस्या होने पर शारीर में कई प्रकार की समस्या होने लगती है.क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल,दिल,हड्डियों पर अपना प्रभाव डालता है.बच्चे में यह समस्या होने पर बच्चे की लम्बाई बढ़ना रूक जाता है और शारीर फैलने लगता है.
थायराइड दो प्रकार का होता है.
1 .हाइपर थायराइड-यह थायराइड होने पर शारीर में थायराइड कम होने लगते हैं.
2 .हाइपो थायराइड-यह थायराइड होने पर शरीर में थायराइड हार्मोन्स बढ़ने लगते हैं.
शरीर में थायराइड का क्या काम होता है.
शारीर में थायराइड नियमित होने पर शारीर के दुसरे अंगों को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं.और जरुरत के अनुसार हारमोंस बनाने के लिए थायराइड आयोडीन प्रयोग करता है.और शारीर के दुसरे अंगों तक पहुचाता है.इसके अलावा थायराइड शारीर के तापमान नियंत्रित करने में मदद करता है.जहरीले पदार्थ को शरीर से बाहर निकालता है.और बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में थायराइड ग्रंथि का अहम् योगदान है.
महिलाओं और पुरुष में थायराइड का लक्षण-
थायराइड की समस्या होने पर किसी कान में मन नही लगता है,शारीर में सुस्ती बनी रहती है.व्यक्ति धीरे-धीरे डिप्रेशन में आ जाता है.यदस्त और सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाती है.अगर सही समय पर इसे नियंत्रित कर लिया जय तो इसे बढ़ने से रोका जा सकता है.
हाइपर थायराइड के लक्षण-
शारीर का वजन कम होना,ह्रदय का धड़कन तेज होना, पसीना अधिक आना, शारीर या हाथ पैरो में कपकपी का होना.
हाइपो थायराइड के लक्षण-
शरीर का वजन बढ़ना, कब्ज का बना रहना, भूख कम होना, त्वचा का रुखा होना, ठंढी ज्यादा लगना,आवाज का भारी होना.चेहरे और आखों के आसपास सूजन होना,सर गर्दन और जोड़ों में दर्द का होना आदि लक्षण होते हैं.
थायराइड होने के कारण-
*ज्यदा तनाव में रहना थायराइड ग्रंथि पर बुरा प्रभाव डालता है.
*कई बार दवाओं के साइड-इफेक्ट्स से भी थायराइड की समस्या हो सकती है.
*आहार में आयोडीन की कम होना या आहार में अधिक आयोडीन लेना इसके कारण हो सकते हैं.
*घर में किसी को थायराइड है तो दुसरे व्यक्ति को भी थायराइड होने की संभावना ज्यादा हो जाती है.
*महिलाओं गर्भावस्था के दौरान हरमों में बदलाव आते हैं.ऐसी स्थिति में थायराइड होने की संभावना बढ़ जाती है.
*प्रोटीन पाउडर,सप्लीमेंट्स या कैप्सूल के रूप में सोया प्रोडक्ट्स का अधिक सेवन थायराइड का कारण हो सकता है.
*प्रदुषण के प्रभाव से हमारे हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है.जिस वजह से सांस के रोग हो जाते हैं.और प्रदुषण से हवा में मौजूद जहरीले कण थायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुचाते हैं.
थायराइड जांच करने का तरीका-
अगर थायराइड के लक्षण दिख रहे हैं तो इसकी जांच कराएँ.टी 3,टी 4,टी एस एच जांच करने से शारीर में थायराइड लेबल का पता चलता है.
थायराइड का घरेलू उपाय-
1 .हल्दी वाला दूध-यह दूध थायराइड को नियंत्रित करने में मददगार होता है.इसलिए दूध में हल्दी पाउडर डालकर पकाएं.अगर हल्दी वाला दूध पिने में परेशानी होती है तो हल्दी को भुनकर सेवन कर सकते हैं.
2 .लौकी जूस-इसका जूस थायराइड को ख़त्म करने में मददगार होता है.इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी का जूस पीना फायदेमंद है.
3 .तुलसी और एलोवेरा-सुबह खाली पेट एक चम्मच तुलसी पत्ते का रस और आधा चम्मच एलोवेरा जूस थायराइड ख़त्म करने का बढियां उपाय है.
4 .हरा धनिया-हरा धनिया को चटनी की तरह पीसकर एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-सुबह खाली पेट सेवन करने से थायराइड नियंत्रित रहता है.इसलिए थायराइड से ग्रसित लोगों को नियमित इसका सेवन करना चाहिए.
5 .सुखा धनियाँ-रात को सोने से पहले एक चम्मच सुखा धनिया को एक गिलास पानी में भिंगोकर रखें और सुबह इसे धीमी आंच पर गर्म करें.जब यह उबलते-उबलते एक कप बाख जाए तो इसे खाली पेट रोजाना सेवन करें.ऐसा करने से थायराइड नियंत्रित रहता है.
6 .त्रिफला चूर्ण-हरे,बहेड़ा और आंवला का संभाग चूर्ण रात को सोने से 30 मिनट पहले गुनगुने पानी से एक चम्मच नियमित खाने से थायराइड नियंत्रित रहती है.
आयुर्वेद चिकित्सक-डॉ.पी.के.शर्मा.
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